अजनबी
हूँ मैं पर बेगाना ना समझो
वक्त
का तस्वीर हूँ जमाना ना समझो ,
रास्ते
खींच कर लाये हैं यहाँ मुझको
भटकता
हुआ कोई दीवाना ना समझो ,
वो
दिल मेरा तोड कर जा बसे हैं कहीं ,
इस खबर को पुराना ना समझो ,
गम भूलाने को पी रहा हूँ जाम
इसे तुम पैमाना ना समझो ,
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